आंगनवाड़ी से संसद तक का सफर || प्रमिला बिसोई

वर्ष 2019 के आम चुनाव महिलाओं के लिए बेहद खास थे क्योंकि इस बार 78 महिला सांसद संसद भवन में प्रवेश किया| इन्ही 78 सांसदों में से एक है 68 साल की प्रमिला बिसोई जिन्होंने ओडिशा में बीजू जनता दल की और से अस्का निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की|
प्रमिला बिसोई एक समाज सेविका है जिन्होंने मिशन शक्ति- सेल्फ हेल्प ग्रुप ओडिशा का प्रतिनिधित्व किया है |


प्रमिला बिसोई की शादी 5 साल की उम्र में हो गयी थी |उन्होंने आंगनवाड़ी में खाना बनाने का काम भी किया| इसके साथ साथ प्रमिला बिसोई समाज सेवा के कार्यों से भी जुडी रही| उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य, उनके रोजगार को लेकर सरहानीय काम किये है|


प्रमिला बिसोई का १ बेटा चाय का स्टाल चलाता है एवं दूसरा बेटा एक गेराज, उनकी दोनों बेटियों के शादी हो चुकी है|


अस्का निर्वाचन क्षेत्र से उनका चुनाव में खड़े होना कुछ लोगों के लिए आश्चर्यजनक था लेकिन उन्होंने बीजेपी की अनीता सुभदर्शिनी को तकरीबन २ लाख के अंतर से हराया| हालंकि वे हिंदी और अंग्रेजी भाषा नहीं जानती लेकिन उनका मानना है की इस बात से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, ओड़िया उनकी मातृ भाषा है और वो संसद में ओड़िया में ही अपनी बात रख सकती हैं|

महिला सशक्तीकरण की मिसाल प्रमिला बिसोई को हम उनके सरहानीय कामों के लिए बधाई देते हैं और उम्मीद करते हैं के वे इसी तरह महिलाओं के लिए अपने कामों एक ऊँचे मुकाम पर लेकर जायँगी|

चित्र साभार : गूगल

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