सास ससुर और जीन्स…..

बात उन दिनों की है जब हमारा ब्याह होने वाला था और हम अपने ब्याह की तैयारी में  जी जान से जुटे हुए थे । खरीददारी बड़े जोरो शोरो से चल रही थी वो भी पूरे परिवार के साथ। तो हुआ यूँ के एक दिन हम बाजार में अपना सारा काम निपटा कर अपनी मम्मी और दीदी के संग  ठेले पर गोलगप्पों का भरपूर लुत्फ़ उठा रहे थे के हमारा मोबाइल घनघना उठा। जैसे ही देखा तो पाया के हमारी होने वाली सासु माँ का फ़ोन था हमने भी झट से गोलगप्पे को अंदर करते हुए फ़ोन उठाया तो सासु माँ ने हमारा हाल चाल  जानकार पूछा ,बेटा, कहाँ हो..हमने भी एक मिनट भी नहीं लगाई बताने में के हम तो पुरे परिवार के साथ बाज़ार घूम रहे है । ये सुनते ही सासु माँ  ने बोला चलो सही है फिर तो आज हम भी तुम्हे शादी का लहंगा दिलवा देते है । हमने भी बड़े ही अदब से उनकी ये बात मान ली । अरे, बातों  बातों में हम आपको बताना ही भूल गए के दरअसल हमारा मायका और ससुराल दोनों एक ही शहर में है। 

  अब शादी का लहंगा लेने की ख़ुशी में हम तो मारे  ख़ुशी के २-४ एक्स्ट्रा गोलगप्पे ही गप्प कर गए । लेकिन ये क्या हमने हमारी प्यारी माता श्री को हमें घूरता हुआ पाया..अब आप सोच रहे होंगे के इसमें समस्या क्या थी…तो जी समस्या ये थी के हम पहने हुए थे टीशर्ट और जीन्स…चूँकि हम थोड़े छोटे शहर से है और हमारी प्यारी माता श्री चाहती थी के हम हमारे होने वाले सास -ससुर के सामने जीन्स-टीशर्ट  में ना जाये । ये तो बड़ी भारी समस्या आ गयी ।  और हमारा घर भी थोड़ा दूरी पर था तो घर जाकर कपड़े बदलने का कोई सवाल ही नहीं था।

और उधर से सासु माँ का फ़ोन आ गया के वो लोग पहुंच गए है..तभी हमारे दिमाग की बत्ती जली..शायद उन एक्स्ट्रा गोलगप्पों का ही कमाल था…हमें ध्यान आया के अभी थोड़ी देर पहले ही हमने एक कुर्ती के लिए मैचिंग लेग्गिंग खरीदा है…अरे ये क्या पूरी कायनात ही हमारी मदद में आ गयी है क्योंकि जैसे ही हमने नज़र उठायी तो  हमें पता चला के हम तो एक कुर्तों के शोरूम के सामने खड़े है..बस फिर क्या था ..हम भी अपनी दीदी के संग घुस गए शोरूम में और निकलवा लिए २-४ कुर्ते और फिर ट्रायल करने के बहाने अपने सामान से निकला अपना कुर्ता और लेग्गिंग और कपड़े बदल कर बाहर आ गए और थोड़ा मुँह बनाते हुए कुर्ते वापिस करते हुआ बोले..भैया कुछ खास पसंद नहीं आये बाद में आते है..इससे पहले की दुकानदार कुछ समझ पता अपनी दीदी संग नौ दो ग्यारह हो गए|

बगल वाली दुकान से एक स्टॉल खरीदा और लो जी , हो गए हम एकदम तैयार अपने होने वाले सास-ससुर से मिलने के लिए ..

अगर आपके पास भी कुछ ऐसी ही  खट्ठी मिट्ठी यादें है तो जरूर शेयर करें।

चित्र साभार : गूगल

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